सोने में आया गजब का उछाल ! चांदी भी अपने ऑल टाइम हाई का
सोने और चांदी दोनों में उछाल जाने और कितना बढ़ेगा ?
सोने चांदी दोनों ही आपे ऑल टाइम हाई पे चल रहे हैं सोने का दर सराफा बाजारों में ₹133800/- पर 10 ग्राम दर्ज की गई वही चांदी ₹192900/- पर किलो दर्ज़ हुईं | कई दुकानदारों की चिंता का ये भी विषय है कि अगर सोने चांदी को महंगे दामो में खरीदते है और सोना चांदी अगर लुढ़क गए तो उन्हें काफी नुक़सान का सामना करना पड़ सकता है और ग्राहकों में भी यही सवाल की उन्हें महंगे दामों में सोने खरीदना चाहिए या नहीं , यह कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करता है। अगर महंगाई बनी रहती है, डॉलर कमजोर होता है, ब्याज दरों में कटौती होती है या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो सोने-चांदी में तेजी जारी रह सकती है। सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए अनिश्चितता में इसकी मांग बढ़ती है।
सोने और चांदी के भाव कौन तय करता हैं ?
सोने और चांदी के भाव किसी एक व्यक्ति या संस्था द्वारा तय नहीं किए जाते, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार की मांग-आपूर्ति से तय होते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LBMA (लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन), COMEX और वैश्विक ट्रेडिंग एक्सचेंजों पर होने वाले सौदे कीमतों को दिशा देते हैं। डॉलर की मजबूती, अमेरिकी ब्याज दरें, महंगाई, केंद्रीय बैंकों की खरीद-बिक्री और वैश्विक राजनीतिक हालात भी भाव तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। भारत में इन अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ आयात शुल्क, टैक्स और रुपये-डॉलर की दर जुड़कर सोने-चांदी के घरेलू भाव तय होते हैं।
हमें किस प्रकार के सोने चांदी ज्यादा खरीदने चाहिए ?
सोना-चांदी खरीदते समय उद्देश्य सबसे अहम होता है। निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प 24 कैरेट शुद्ध सोना (999) और हॉलमार्क वाली सिल्वर बार/कॉइन (999) माने जाते हैं, क्योंकि इनमें मेकिंग चार्ज नहीं के बराबर होता है और भविष्य में बेचने पर बेहतर कीमत मिलती है। गहनों के लिए 22 कैरेट हॉलमार्क सोना सही रहता है, क्योंकि यह मजबूत होता है। चांदी में निवेश के लिए सिल्वर कॉइन, बार या सिल्वर ETF अच्छा विकल्प हैं। डिजिटल गोल्ड और सिल्वर ETF उन लोगों के लिए बेहतर हैं जो सुरक्षित स्टोरेज और पारदर्शिता चाहते हैं।
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क्या हमें सोने चांदी की GST बिल लेनी चाहिए ?
हाँ, सोना-चांदी खरीदते समय GST बिल जरूर लेना चाहिए। GST बिल लेने से यह प्रमाण मिलता है कि आपने सोना या चांदी कानूनी और टैक्स के साथ खरीदी है। इससे शुद्धता, वजन और कीमत का पूरा रिकॉर्ड रहता है, जो आगे चलकर बेचते समय, एक्सचेंज कराने या बीमा में बहुत काम आता है। बिना GST बिल के खरीदे गए सोने-चांदी पर भविष्य में विवाद, कम दाम मिलने या कानूनी परेशानी का जोखिम रहता है। साथ ही GST बिल के साथ लिया गया हॉलमार्क वाला सोना-चांदी ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है।
सोने में HUID हॉलमार्क कैसे पहचाने ?
सोने में HUID हॉलमार्क पहचानना आसान है। BIS द्वारा लागू HUID एक 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है, जैसे AB1234, जो हर सोने के गहने पर अलग-अलग होता है। सबसे पहले गहने पर BIS का त्रिकोण वाला लोगो देखें, उसके पास कैरट/शुद्धता जैसे 22K916 या 18K750 लिखा होता है। इन्हीं के साथ HUID कोड अंकित रहता है। इस कोड को आप BIS Care मोबाइल ऐप में डालकर गहने की शुद्धता, ज्वैलर और हॉलमार्किंग सेंटर की पूरी जानकारी सत्यापित कर सकते हैं। HUID हॉलमार्क शुद्धता और धोखाधड़ी से सुरक्षा की गारंटी देता है।
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