इण्डियन ऑयल ने दिए शानदार डिविडेंड | देख के हो जाएगी हैरान |

इण्डियन ऑयल शानदार डिविडेंड last 5Years

Indian Oil Corporation ने FY2025-26 के लिए ₹5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (50%) घोषित किया है। डिविडेंड पाने के लिए 18 दिसंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट रखा गया है और भुगतान 11 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। यह डिविडेंड ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर मिलेगा। FY2024-25 के लिए कंपनी ने ₹3 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया था। पिछले कुछ वर्षों में IOC नियमित रूप से डिविडेंड देती आई है, लेकिन राशियाँ समय-समय पर बदलती रही हैं। डिविडेंड पर टैक्स काटा जाता है जैसा लागू नियम है। Indian Oil एक नियमित डिविडेंड देने वाली PSU कंपनी रही है, हालांकि डिविडेंड की राशि कंपनी के मुनाफे, क्रूड ऑयल की कीमतों और सरकारी नीतियों के अनुसार बदलती रहती है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए IOC को डिविडेंड इनकम के नजरिये से मजबूत माना जाता है, लेकिन भविष्य का डिविडेंड बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

FY2020 – ₹8.40, FY2021 – ₹3.00, FY2022 – ₹5.00, FY2023 – ₹11.00, FY2024 – ₹7.00

क्या लंबे वर्षों के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में निवेश कर सकते है ?

Indian Oil Corporation में लंबे वर्षों के लिए निवेश किया जा सकता है, लेकिन इसे स्थिर रिटर्न और डिविडेंड के नजरिये से देखना बेहतर है। IOC भारत की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग PSU है, जिसका मजबूत नेटवर्क, सरकारी सपोर्ट और नियमित कैश फ्लो है। कंपनी सालाना अच्छा डिविडेंड देती रही है, जो लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए फायदेमंद है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें, सरकारी सब्सिडी नीति और मार्जिन में उतार-चढ़ाव से शेयर में समय-समय पर दबाव आता है। हाई ग्रोथ की बजाय स्थिर आय और डिविडेंड चाहने वाले निवेशकों के लिए IOC एक ठीक विकल्प माना जा सकता है।

क्या इंडियन ऑयल एक कर्ज मुक्त कंपनी है ?

नहीं, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) पूरी तरह कर्ज-मुक्त कंपनी नहीं है। IOC एक बड़ी PSU ऑयल कंपनी है और इसके ऊपर लॉन्ग-टर्म व शॉर्ट-टर्म दोनों तरह का कर्ज रहता है, जो रिफाइनरी विस्तार, पाइपलाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए लिया जाता है। हालांकि कंपनी का बिजनेस साइज बहुत बड़ा है और कैश फ्लो मजबूत रहता है, जिससे वह अपने कर्ज को आसानी से सर्विस कर पाती है। इसलिए IOC को डेट-फ्री नहीं बल्कि “मैनेजेबल डेब्ट” वाली कंपनी माना जाता है, जहां कर्ज जोखिम के बजाय ग्रोथ को सपोर्ट करता है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन प्राइवेट कंपनी है या सरकारी ?

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) सरकारी कंपनी है। यह भारत सरकार की Public Sector Undertaking (PSU) है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बहुमत में है। IOC पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के अधीन काम करती है और देश की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में से एक है। इसलिए इंडियन ऑयल को प्राइवेट नहीं बल्कि सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी माना जाता है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के नए अध्यक्ष कौन है ?

Indian Oil Corporation (IOC) के नए अध्यक्ष (Chairman) अरविंदर सिंह साहनी (Arvinder Singh Sahney) हैं। वह भारतीय तेल कंपनी इंडियन ऑयल के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किए गए हैं और इस पद पर कार्य कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति Appointments Committee of the Cabinet (ACC) द्वारा की गई थी, और उन्होंने कंपनी के नेतृत्व का जिम्मा संभाला है।

भारत में तेल का सबसे बड़ा भंडार कहा है ?

भारत में सबसे बड़ा तेल भंडार बॉम्बे हाई (Bombay High) में है। यह महाराष्ट्र के तट से अरब सागर में स्थित एक ऑफशोर ऑयल फील्ड है और देश के कुल कच्चे तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। बॉम्बे हाई की खोज 1974 में हुई थी और तब से यह भारत का सबसे महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र माना जाता है। इसके अलावा असम, गुजरात और कृष्णा–गोदावरी बेसिन में भी तेल भंडार हैं, लेकिन उत्पादन और भंडारण के लिहाज से बॉम्बे हाई सबसे बड़ा है।

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